Monday, April 20, 2009

स्विस बैंकों की जरूरत ही किसे है....




7 comments:

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

waah maza aa gaya

अविनाश वाचस्पति said...

1. फिर इन्‍हें वेटिंग में ही रहने दो। 100 दिन बाद सोचेंगे, जब ये धन बाहर लाएंगे, तब हम वोटधन बजाएंगे।
2. वोटर की बारात में तो छोड़ो, अपनी बारात में भी एलाउड नहीं है।

varsha said...

pahla bahut doosra khoob.

Udan Tashtari said...

गजब भाई..सभी.

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi said...

वोटर की बारात में बाकी पूरे पांच साल तक नाचता रह सकता है। :)

Tanveer Farooqui said...

Koi inse puchhe ki kala dhan vapas kaise layen ge.....in ke saathi party chhod kar chale jayenge.....

काजल कुमार Kajal Kumar said...

अब स्विस बैंकों में पैसा कहाँ रुका हुआ है...शर्तिया, अब तक तो निकल चुका होगा.

LinkWithin

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

FEEDJIT Live Traffic Feed

FEEDJIT Live Traffic Map