Thursday, November 27, 2008

जिसे मिल जाए........लूटने लगता है


3 comments:

"अर्श" said...

bahot khub apna hak aada kiya hai aapne ...

ravindra vyas said...

आपको दूसरे कार्टूनिस्टों के साथ देखकर अच्छा लगा। आशा है काठमांडू की यात्रा पर्यटन के अलावा रचनात्मक स्तर पर भी यादगार रही होगी। आपको बधाई और शुभकामनाएं।

प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi said...

अभिषेक जी आपके साथ भाई फीका को देख कर बहुत अच्छा लगा. २००५ में जब मैं पाकिस्तान गया था तो उनके साथ 'रेडियो मस्त-कराची' में एक यादगार शाम बिताई थी, उस दिन उन्होंने मेरा एक लाइव इंटरव्यू भी लिया था. लेकिन उनके कार्टून का एक जखीरा भी हमने देखा था उस दिन.
उनके कुछ कार्टून अपने ब्लॉग पर दाल रहा हूँ देखियेगा.

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