मामूली सा कार्टूनिस्ट.
चम्बल के एक स्वाभिमानी इलाके भिंड (madhya pradesh) में जन्म पाया.
पिछले २३ सालों से कार्टूनिंग सीख रहा हूँ, एकलव्य की तरह.
कितना सीखा ये पाठक तय करें.
पढ़ाई-लिखाई के दौरान मिली तमाम डिग्रियों को भूल चुका हूँ मैं.
जीवन मैं कहीं काम नही आयीं.
कार्टूनिंग के अलावा और कुछ मैं कर ही नही सकता.
सच तो ये है कोई दूसरा काम मुझे आता भी तो नही.
ग्वालियर, इंदौर, लखनऊ के बाद पिछले एक दशक से जयपुर
में राजस्थान पत्रिका से जुड़ कर आम आदमी के दुःख-दर्द को समझने की
और उस पीड़ा को साझा करने की कोशिश जारी है.....
हमने चुनी जयपुर की लेडी 'मयोर '
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हमारे शहर जयपुर की प्रथम महिला को हमने सीधे चुना है। किसकी पतंग कटेगी और किसकी उड़ेगी, उससे भी ज्यादा जरूरी है कि कौन शहर की आबो-हवा को खुशनुमा रखेगा। आबो-हवा...
६ दिसम्बर का नंगा सच - चश्मदीद की जुबानी
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क्या निहत्ते गैर प्रशिक्षित आन्दोलन कारी इतने मजबूत ढाचे को बिना औजारों के
मटियामेट कर सकते थे . नहीं कभी नहीं यही आपके अन्दर से निकलेगा . सन ९२ में जब
राम...
वाह रे आपदा प्रबंधन
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अपना देश सचमुच भगवान भरोसे है और अपनका शहर तो सौ फीसदी भगवानजी की शरण में।
अब ये भगवानजी कौनसे वाले हैं अपन को आइडिया नहीं है पर यहां कोई लॉ एंड ऑर्डर
है न...
कारगिल : तीन कवितायें, तीन किस्से
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1999 की बरसात के दिन थे।
युद्ध के काले बादल बरसकर छंट चुके थे। मगर चुनावी युद्ध के बादल जनता की
उम्मीदों पर बरस पडऩे को बेताब थे। चुनाव की रिपोर्टिंग के ...
उड़ते हुए रूई के फाहे
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हमारा घर बहुत छोटा था। सदस्य ज्यादा थे। घर के लोगों के हाथ-पैरों पर खरोंचों
के निशान थे। हम जब भी घर में आते-जाते तो हमें घर में रखी टूटी आलमारी,
कुर्सी, ...
Habib Tanvir
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Habib Tanvir was one of the most popular Hindi playwrights, a theatre director, poet and actor. He is the writer of plays such as, Agra Bazar (1954) and Char...